Saturday, December 27, 2008


हिन्दू शब्द के साथ जितनी भी भावनाएं और पद्धतियाँ, ऐतिहासिक तथ्य, सामाजिक आचार-विचार तथा वैज्ञानिक आध्यात्मिक अन्वेषण जुड़े हैं, वेसभी हिन्दुत्व में समाहित हैं।हिन्दुत्व शब्द केवल मात्र हिन्दू जाति के कोरेधार्मिक और आध्यात्मिक इतिहास को ही अभिव्यक्त नहीं करता।हिन्दू जातिके लोग विभिन्न मत मतान्तरों का अनुसरण करते हैं। इन मत मतान्तरों पंथों को सामूहिक रूप से हिन्दूमत अथवा हिन्दूवाद नाम दिया जा सकता है आज भ्रान्तिवश हिन्दुत्व हिन्दूवाद को एक दूसरे के पर्यायवाची शब्दों के रूपमें प्रयोग किया जा रहा है। यह चेष्टा हिन्दुत्व शब्द का बहुत ही संकीर्ण प्रयोग है। वास्तव में हिंदुत्व को सबसेज्यादा चोट यहाँ कि राजनैतिक दलों के द्वारा पहुँचाया जा रहा है जिसमे विचारधारा कि लड़ाई लड़ने वालेकम्युनिस्ट काग्रेस के बुद्धिजीवी ज्यादा रहे हैं जो धर्मनिर्पेक्षता के नाम पर तुष्टिकरड़ पर उतर गए हैं हिन्दूमतों के साथ छेड़ छाड़ कर रहे हैं|मुसलमानों के जेहाद ईसामसीह के अनुयाय्यियो के कारड़ धर्म का वास्तविकस्वरुप सम्प्रदायवाद का रूप ले रहा है, आज धर्म क्या है ? एक सार्वभौम प्रश्न बनकर खड़ा है.......

Friday, December 19, 2008



मालेगांव से जुड़े हमंत करकरे व अन्य को भला आतंकवादी क्यों मारेंगे वे तो हिन्दुवों को आतंकवादी घोषित करने के मुहीम में लगे थे.उन्हें तो हिन्दू संगठनों की के लोगो ने मारा है और इल्जाम बेचारे निर्दोष कसाब पर लगा दिया.उपरोक्त तथ्य A.R.ANTULE के द्वारा दिया गया है.ऐसे ही एक तथ्य ने महान समाजवादी नेता अमर सिंह ने भी M.C शर्मा को भी कुछ निर्दोषों का हत्यारा साबित कर दिया.....
अंतुले भारत के केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं जो कांग्रेस पार्टी के हैं इनका पूरा नाम अब्दुल रहमान अंतुले है .......
दोस्त अब निश्चित ही इस मामले का न्याइक जाँच होनी चाहिये हो सकता है इसमें भी अभिनव भारत जैसी संस्था का हाथ हो ??तभी मुझे समझ में आया कि हमारी सरकार इतनी ढीली क्यों पड़ गई चलो देश के गद्दारों को सजा होनी चाहिये.......ये कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक आतंक मचाये हुवे है और इल्जाम बेचारे निर्दोष सिमी,लश्करे तोइबा जैसे सामाजिक संगठनो पर लगाए जाते हैं. अब तो साध्वी पुरोहित पर इनकी भी जाँच बैठेगी .हां हां.....
वाह रे देश यहाँ के लोग आज भी यही समझते हैं कि हमें कांग्रेस ने आज़ादी दिलाई यहाँ के लोग कांग्रेस को वोट देते हैं.......... दुनिया में हर चीज़ की कीमत अदा करनी होती है देश भी इस कांग्रेस को पैदा करने की कीमत अदा करनी पड़ रही है और ये माँ के कोख में चूरा भोक रहे हैं..........

Thursday, December 18, 2008


मुंबई हादसे में मीडिया के लोग भी एक सजग प्रहरी की तरह जान हथेली पर रख कर खड़े थे पर ऐसे में कोई नेता व मंत्री वहां नही आया और आवश्यकता भी नहीं है पर ये अपनी बयान बाजी से पीछे नहीं हटते चाहे बटला हॉउस या अन्य ऐसे में तुष्टिकरण की राजनीती इतनी हावी है की M.C sharma जैसे शहीद को दिए हुए सम्मान को भी अपमानित किया गया और अमर सिंह ,अर्जुन सिंह जैसे राष्ट्र भक्त धर्मनिरपेक्ष लोगो को बाटला हाउस की न्याइक जांच की आवश्यकता पड़ जाती है. हमारे प्रधानमंत्री महोदय ने भी किसी प्रकार का कड़ा रुख अपनाने का भी आश्वाशन नहीं दिया जिससे आम जनता को झूठा ही सही एक आश्वाशन मिल जाता की आप सुरक्षित रहेंगे.क्या ये मारे गए आतंकवादीयो के प्रति संवेदना है या उन शहीदों के प्रति मात्र सहानुभूति है .क्या अर्जुन सिंह और अमर सिंह जैसे लोगो को इसकी भी न्याइक जाँच की आवश्यकता पड़ेगी?क्या आतंकवाद और भारतीय राजनीती का चेहरा एक सा नहीं लगता?इसका जवाब हमें नहीं इस राष्ट्र को चाहिए जिसके लोकतंत्र पर इन नेताओ की रोटियां सिक रही है........